Rumored Buzz on Law of Attraction Hindi



बाँए~ओर~के~वाहनों~का~पथ~मार्ग, बाएओरकेवाहनोंकापथमार्ग, भीतरी मार्ग

He then regained his wellness and recovered, and event that prompted his study of "intellect about human body".[9] Although he never utilized the text 'legislation of attraction' his basic premise was comparable, While restricted only to the sphere of wellness:

महावीर धीरे-धीरे जंगल के बीच बिषवर की बांबी के निकट पहुंच गये। घूमता हुआ नाग बांबी के पास आया। नाग आश्चर्य से देखता रह गया कि आज यह कौन मनुष्य यहां भटक गया है। उसकी आंखों से बिषमयी ज्वालाएं निकलने लगीं। लेकिन महावीर पर उसका कोई असर नही हुआ। उसकी क्रोधग्नि भड़क उठी। उसका बिष—प्रहार बार-बार निष्प्रभ होने लगा। आखिर उसने उत्तेजित होकर उसने महावीर के अंगूंठे को डस लिया।

॥२॥, hey lode of hearth! With whom we dislike or who despise us Do consumed him. ॥३॥, hey god of hearth! Who Malice can take with us or whom we choose malice. End him using your powers.॥४॥, hey god of hearth! All enemies are bound with your powers, so they can not generate any difficulty in my way of success with voodoo

ब्लॉग लिखने के लिए दो ऑप्शन्स हैं पहला blogger और दूसरा WordPress हैं। मैं आपको blogger के लिए कहूँगा क्युकि ये बिलकुल फ्री है और wordpress एक compensated assistance हैं।

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पति पत्नी के रिश्ते मे अनबन होना,माँ बाप को मनाना आदि .

चिकित्सा के धर्म और आध्यात्मिक से get more info जुड़ने से बहुत सारे भ्रम पैदा होते है। बहुत सारे लोगो को इस भेद को weblink ही समझ नहीं पाते।

इस तरह से मरनें के बाद शरीर छोड़कर बाहर निकलती है आत्मा, सच्चाई कर देगी हैरान

ब्राह्माण फिर भी उनके चरणों से लिपटा ही रहा। हवा में लहराता देवदूष्य विप्र को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। उसकी आंखों ने महावीर से कहा, "और कुछ नहीं तो यह दे दो, प्रभु!"

महावीर ने समझाने की चेष्टा की, "विप्रदेव, अब तो मैं सर्वथा अकिंचन-अपरिग्रही हूं। मेरे पास ऐसा क्या है, जो मैं तुम्हें दूं?"

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एक दिन केश का प्रशंसा करे तो दूसरे दिन आँखों के तो तीसरे दिन होंठो के तो चौथे दिन उस की अदा के और पाँचवे दिन उस के मुस्कान की बस इतना ही काफ़ी है

यहां महावीर के जीवन-काल में घटित कुछ घटनाएं दी जा रही है॥

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